फसल बीमा में किसानों के साथ मज़ाक: 70 रुपए बीघा का ‘क्लेम’

 प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) को किसानों के लिए सुरक्षा कवच बताने वाली सरकार पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। इस सीज़न में देवास जिले के कई किसानों को फसल खराब होने के बाद सिर्फ़ 70 रुपए प्रति बीघा का क्लेम मिला है। किसानों का कहना है कि यह रकम तो एक किलो दाल या आधा लीटर डीज़ल भी नहीं खरीद पाएगी।




किसानों का आक्रोश


स्थानीय किसान संगठनों ने इसे “किसानों के साथ सरासर धोखा” बताया है। एक किसान ने गुस्से में कहा —


> “बीमा के नाम पर पैसे वसूलने वाली सरकार ने 70 रुपए का चेक थमा कर हमारी मेहनत का मज़ाक उड़ाया है।”




बीमा कंपनियों पर सवाल


योजना के तहत किसानों से हर साल प्रीमियम वसूला जाता है, लेकिन जब असल में मदद की ज़रूरत होती है, तो बीमा कंपनियां और सरकार दोनों ही न्यूनतम भुगतान करके बच निकलते हैं। इससे किसानों में ये धारणा बन रही है कि यह योजना अब मदद का नहीं, बल्कि मुनाफाखोरी का ज़रिया बन गई है।


गांव-गांव में रोष


देवास और आसपास के गांवों में किसानों के बीच गुस्सा है। लोग पंचायतों और किसान सभाओं में इस मुद्दे को उठाने लगे हैं। कई जगह विरोध प्रदर्शन की तैयारी भी हो रही है।


सरकार के लिए सवाल


क्या 70 रुपए में किसान का नुकसान भर पाएगा?


सही नुकसान आकलन और पारदर्शिता क्यों नहीं?


बीमा कंपनियों के मुनाफे पर लगाम कब?




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