कर्म भूमि से जन्म भूमि: गांव का गौरव लौट रहे हवलदार दिलबर सिंह सोलंकी की सेवानिवृत्ति पर होगा भव्य स्वागत:
देवास जिले के रोजड़ी में 01 मार्च 2026 को स्वतंत्रता पूर्वक अपने घर लौट रहे है
ग्राम रोजड़ी के सरपंच साहब श्रीमान ठा. गुलाब सिंह चौहान जी ने बताया की देवास जिले में यह हमारा छोटा सा गांव रोजड़ी जो की देवास से 30 किमी . की दूरी पर आता है
जनसंख्या के हिसाब से देखा जाए तो देवास जिले में ग्राम रोजड़ी में सबसे अधिक फौजी इसीलिए इस गांव को फौजियों के गांव के नाम से जाना जाता है इस छोटे से गांव के स्वर्गीय श्रीमान ठाकुर साहब गेंदालाल सिंह सोलंकी के 05 बेटे एवं 02 बेटियां हैं सर्वप्रथम ठाकुर साहब की बीच वाले बेटे निर्भय सिंह जी सोलंकी भारतीय सेना में भर्ती हुए और परिवार एवं ग्राम रोजड़ी का नाम रोशन किया और ठाकुर साहब के 05 नाती पोते भारतीय सेना में देश सेवा कर रहे हैं 07 भाई - बहनों में से 6 भाई मातृ भूमि की रक्षा में देश के अलग अलग स्थान पर अपनी सेवा दे रहे है इस परिवार का दूसरे नंबर का बेटा भारतीय सेना में 18 साल देश सेवा देकर 01 मार्च 2026 को स्वतंत्रता पूर्वक अपने घर लौट रहे है धन्य है ऐसे माता पिता जिन्हें 07 बेटे में से 06 बेटे को देश की सेवा में लगा दिए
ठाकुर - गेंदालाल सिंह जी सोलंकी के दूसरे नंबर के बेटे ठाकुर ईश्वर सिंह सोलंकी के सुपुत्र - कुंवर दिलबर सिंह सोलंकी भारतीय सेना की 28 राजपूत रेजीमेंट से हवलदार के पद से 18 वर्ष की सर्विस पूरी करके 01 मार्च 2026 को भारतीय सेना से सेवानिवृत हो रहे हैं और सही सलामत अपने घर वापस आ रहे हैं इस उपलक्ष में उनके स्वागत के लिए 01 मार्च 2026 को सुबह 9 बजे देवास रेलवे स्टेशन से जुलूस शुरू होगा और उनकी जन्म भूमि ठिकाना- रोजड़ी तक जाएगा
हवलदार दिलबर सिंह सोलंकी भारतीय सेना में 07 अप्रैल 2008 को भर्ती हुए आज दिनांक 01 मार्च 2026 को भारतीय सेना से सेवानिवृत हो रहे हैं उन्होंने भारतीय सेना में अलग-अलग क्षेत्र में बहुत ही काबिले तारीफ कार्य किया और अपनी रेजीमेंट और भारतीय सेना का नाम रोशन किया
दिलबर सिंह का गांव फौजियों के गांव से और परिवार फौजी परिवार के नाम से जाना जाता है
दिलबर सिंह के काका साहब हुकुम सूबेदार निर्भय सिंह सोलंकी गांव के पहले फौजी बने सूबेदार निर्भय सिंह सोलंकी भारतीय सेना में 26 अप्रैल 1991 को भारतीय सेना में भर्ती हुए और 30 अप्रैल 2019 को रिटायरमेंट हुए उन्होंने फौज में 28 वर्ष देश की सेवा की और सूबेदार के पद से सेवानिवृत हुए और वर्तमान में समाज सेवा एवं गांव के बच्चों का मार्गदर्शन कर रहे हैं सूबेदार निर्भय सिंह सोलंकी गांव में सबसे पहले फौज में भर्ती हुए और सबसे पहले ही सेवानिवृत हुए है और गांव कि दूसरे नंबर पर सेवानिवृत होने वाले हवलदार दिलबर सिंह सोलंकी है 01 मार्च 2026 को सरपंच साहब द्वारा फौजी का स्वागत किया जाएगा
सूबेदार निर्भय सिंह सोलंकी से प्रेरणा लेकर आज गांव के 28 जवान भारतीय सेना में कार्यरत है और दिलबर सिंह के परिवार के 06 लोग फौज में हैं
रोजड़ी गांव को फौजियों के गांव के नाम से जाना जाता है यह हम सबके लिए गर्व की बात है
धड़कन न्यूज प्रभारी अनुराग प्रताप सिंह सोलंकी

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