हरदा ब्लास्ट में 11 की मौत, 200 से ज्यादा घायलः फैक्ट्री मालिक समेत 3 गिरफ्तार, तीन सदस्यीय समिति करेगी जांच; आज CM पहुंचेंगे l
हरदा ब्लास्ट में 11 की मौत, 200 से ज्यादा घायलः फैक्ट्री मालिक समेत 3 गिरफ्तार, तीन सदस्यीय समिति करेगी जांच; आज CM पहुंचेंगे l
मध्यप्रदेश के हरदा में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से 11 लोगों की मौत हो गई। 204 घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। 51 गंभीर घायलों को भोपाल, इंदौर और नर्मदापुरम रेफर किया गया। कई अब भी लापता हैं। नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) मलबे में दबे लोगों को निकालने में जुटी है। हालात का जायजा लेने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को हरदा जाएंगे। हादसे में फैक्ट्री के आसपास बने 60 घर जल गए। एहतियातन 100 से ज्यादा इमारतों को खाली करा लिया गया। हरदा एसडीएम केसी परते का कहना है कि फैक्ट्री अनफिट थी। फैक्ट्री मालिक राजेश अग्रवाल, सोमेश अग्रवाल और रफीक खान को रात करीब 9 बजे राजगढ़ जिले के सारंगपुर से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इनके खिलाफ हरदा सिविल लाइन थाने में केस दर्ज किया गया है।
तीन सदस्यीय समिति करेगी जांच, CM बोले- दोषियों को छोड़ेंगे नहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने X पर लिखा- हरदा की पटाखा फैक्ट्री में हुई आगजनी की घटना हृदय विदारक है। इस घटना की गंभीरता के दृष्टिगत, इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है। राज्य सरकार दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगी। राहत कार्य और घायलों को उपचार प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है। सरकार ने अपर मुख्य सचिव मो. सुलेमान की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन समिति का गठन किया है। इस समिति में अपर मुख्य सचिव अजीत केसरी, प्रमुख सचिव गृह संजय दुबे, नीरज मंडलोई, होमगार्ड के महानिदेशक अरविंद कुमार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आलोक रंजन को सदस्य बनाया गया है। गृह विभाग ने हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। गृह विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे इसके अध्यक्ष होंगे। किन परिस्थितियों में हादसा हुआ, इसके लिए प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से दोषी अधिकारी, कर्मचारी की जिम्मेदारी तय करने समेत इसकी पुनरावृति न होने के संबंध में समिति अपनी अनुशंसा प्रस्तुत करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में सभी कलेक्टर और कमिश्नर के साथ ऑनलाइन बैठक की। इसमें कलेक्टरों को संबंधित जिलों में संचालित पटाखा फैक्ट्री का संचालन लाइसेंस की शर्तों के अनुसार हो रहा है या नहीं, इसकी जांच करने के निर्देश दिए हैं। सभी कलेक्टर 24 घंटे में गृह विभाग को रिपोर्ट सौंपेंगे।
राजेश, सोमेश और प्रदीप अग्रवाल चला रहे थे फैक्ट्री। तहसीलदार हरदा लवीना घागरे का कहना है कि पटाखा फैक्ट्री पट्टे की जमीन पर चल रही थी, जिसके मालिक राजेश अग्रवाल राजू, सोमेश अग्रवाल सोमू और प्रदीप अग्रवाल हैं। राजेश अग्रवाल की यह पटाखा फैक्ट्री हरदा-मगरधा रोड पर है। करीब 20 साल पहले बैरागढ़ गांव में इसकी शुरुआत की थी। फैक्ट्री के लगने के बाद धीरे-धीरे यहां काम करने वालों समेत दूसरे लोगों ने घर बना लिए। फैक्ट्री में काम करने वाले करीब 40 परिवार भी यहीं पर अस्थाई निर्माण कर रहने लगे। फैक्ट्री का विस्तार करते हुए जो लाइसेंस मिला था, राजेश ने उससे ज्यादा बारूद का भंडार करना शुरू कर दिया। वर्कर्स को बारूद देकर घरों में भी पटाखों का निर्माण करवाने लगा। जानकारी के मुताबिक, फैक्ट्री मालिक किसी भी राजनीतिक दल से सीधे जुड़े नहीं हैं। हालांकि, उनके द्वारा बीजेपी-कांग्रेस दोनों दलों को फंडिंग करने की बात सामने आ रही है। सिविल लाइन थाना पुलिस और प्रशासन की भूमिका भी संदेह के दायरे में है।राजेश ने फैक्ट्री के बाहर ही मेन रोड पर एक बड़ा सा पटाखा गोदाम बना लिया। यहां से पटाखों की बिक्री शुरू कर दी। राजेश का घर पुरानी सब्जी मंडी में है। उसने यहां भी पटाखा का भंडारण कर बेचना शुरू कर दिया। इसके अलावा हांडिया रोड पर भी एक पटाखा फैक्ट्री डाल दी
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| राजगढ़ के सारंगपुर से फैक्ट्री मालिक राजेश अग्रवाल (बीच में), सोमेश अग्रवाल (नीली शर्ट) को गिरफ्तार किया है। एक अन्य युवक को पूछताछ के लिए ले जाया गया। |
हरदा ब्लास्ट पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने दैनिक भास्कर डिजिटल की खबर पर संज्ञान लिया। NGT ने आदेश जारी कर कहा कि घटना में बड़ी संख्या में मौतें हुई हैं। कई लोग घायल और लापता हैं। 60 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। 100 से अधिक मकानों को खाली कराना पड़ा। ऐसे में न्यूनतम राहत देने की आवश्यकता है। जिसका फैक्ट्री मालिक तुरंत। भुगतान कर अंतरिम मुआवजे के रूप में राशि जमा कराएं।
NGT ने मृतकों के परिजन को 15 लाख, जलने और गंभीर चोट पर 5 लाख और सामान्य चोट पर 3 लाख रुपए देने के आदेश दिए हैं। घर जलने पर 5 लाख रुपए क्षतिपूर्ति और जिनके घर खाली कराए गए उन्हें 2 लाख रुपए देने का कहा गया है। पूरा अमाउंट फैक्ट्री मालिक द्वारा जमा कराया जाएगा। यह राशि जिला पर्यावरण मुआवजा निधि के खाते में जमा करानी हो






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