प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप, मकान-मस्जिद तोड़ने की मिल रही धमकियों पर कार्रवाई की मांग

आष्टा में मुस्लिम समाज ने अलीपुर घटना पर जताया विरोध:प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप, मकान-मस्जिद तोड़ने की मिल रही धमकियों पर कार्रवाई की 



आष्टा में शुक्रवार को मुस्लिम समाज ने अलीपुर की घटना के विरोध में अपनी दुकानें बंद रखीं। समाज के लोग जुम्मे की नमाज के बाद पुराना बस स्टैंड पर एकत्रित हुए और प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान एसडीएम नितिन टाले और एसडीओपी आकाश अमलकर सहित पुलिस बल मौजूद रहा।

प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का लगाया आरोप

यह ज्ञापन शहर काजी फजले बारी आरिफ साहब के नेतृत्व में समाजजनों की उपस्थिति में सौंपा गया। ज्ञापन में प्रशासन द्वारा की जा रही एकतरफा कार्रवाई का विरोध जताया गया।

मुस्लिम समाज ने 21 दिसंबर 2025 को आष्टा में हुई घटना की निंदा की और इसे आकस्मिक बताया। समाज का कहना है कि उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार और अमान्य हैं। उनके अनुसार, यह घटना बहुत छोटी थी और मौके पर ही प्रशासन और सर्व समाज के प्रयासों से समाप्त हो गई थी।

समाज ने मांग की है कि मकान-मस्जिद तोड़ने की मिल रही धमकियों पर कार्रवाई की मांग की है।
समाज ने मांग की है कि मकान-मस्जिद तोड़ने की मिल रही धमकियों पर कार्रवाई की मांग की है।

शांति भंग करने का प्रयास का लगाया आरोप

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि इस घटना को षड्यंत्रपूर्वक बड़ा रूप दिया गया है। बाहरी असामाजिक तत्वों द्वारा आष्टा और आसपास की गंगा-जमुनी तहजीब को खराब कर शांति भंग करने का प्रयास किया जा रहा है।

मकान-मस्जिद तोड़ने की मिल रही धमकियों पर कार्रवाई की मांग

शहर काजी फजले बारी आरिफ साहब ने बताया कि घटना के बाद से लगातार बाहरी लोग आकर मकान तोड़ने और मस्जिद तोड़ने की धमकियां दे रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से अगले जुम्मे तक का समय देते हुए इन धमकियों पर कार्रवाई की मांग की।

उन्होंने यह भी कहा कि उनका समाज बड़े लोगों और काजी साहब के प्रयासों से शांति बनाए हुए है, जबकि अन्य समाज के लोग सोशल मीडिया पर गैरकानूनी बयानबाजी कर शहर की शांति भंग करने का प्रयास कर रहे हैं और मुस्लिम समाज को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं।:

आष्टा में मुस्लिम समाज ने अलीपुर घटना पर विरोध जताया है। - Dainik Bhaskar
आष्टा में मुस्लिम समाज ने अलीपुर घटना पर विरोध जताया है।आष्टा में शुक्रवार को मुस्लिम समाज ने अलीपुर की घटना के विरोध में अपनी दुकानें बंद रखीं। समाज के लोग जुम्मे की नमाज के बाद पुराना बस स्टैंड पर एकत्रित हुए और प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान एसडीएम नितिन टाले और एसडीओपी आकाश अमलकर सहित पुलिस बल मौजूद रहा। 
प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का लगाया आरोप

यह ज्ञापन शहर काजी फजले बारी आरिफ साहब के नेतृत्व में समाजजनों की उपस्थिति में सौंपा गया। ज्ञापन में प्रशासन द्वारा की जा रही एकतरफा कार्रवाई का विरोध जताया गया।

मुस्लिम समाज ने 21 दिसंबर 2025 को आष्टा में हुई घटना की निंदा की और इसे आकस्मिक बताया। समाज का कहना है कि उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार और अमान्य हैं। उनके अनुसार, यह घटना बहुत छोटी थी और मौके पर ही प्रशासन और सर्व समाज के प्रयासों से समाप्त हो गई थी।

समाज ने मांग की है कि मकान-मस्जिद तोड़ने की मिल रही धमकियों पर कार्रवाई की मांग की है।
समाज ने मांग की है कि मकान-मस्जिद तोड़ने की मिल रही धमकियों पर कार्रवाई की मांग की है।

शांति भंग करने का प्रयास का लगाया आरोप

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि इस घटना को षड्यंत्रपूर्वक बड़ा रूप दिया गया है। बाहरी असामाजिक तत्वों द्वारा आष्टा और आसपास की गंगा-जमुनी तहजीब को खराब कर शांति भंग करने का प्रयास किया जा रहा है।

मकान-मस्जिद तोड़ने की मिल रही धमकियों पर कार्रवाई की मांग

शहर काजी फजले बारी आरिफ साहब ने बताया कि घटना के बाद से लगातार बाहरी लोग आकर मकान तोड़ने और मस्जिद तोड़ने की धमकियां दे रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से अगले जुम्मे तक का समय देते हुए इन धमकियों पर कार्रवाई की मांग की।

उन्होंने यह भी कहा कि उनका समाज बड़े लोगों और काजी साहब के प्रयासों से शांति बनाए हुए है, जबकि अन्य समाज के लोग सोशल मीडिया पर गैरकानूनी बयानबाजी कर शहर की शांति भंग करने का प्रयास कर रहे हैं और मुस्लिम समाज को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं।

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